रविवार 25 अक्टूबर 2026 - 05:15
दिन की हदीस | क़यामत के दिन हज़रत फ़ातेमा (स) की शफ़ाअत

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) ने एक रिवायत में क़यामत के दिन शफ़ाअत के महत्व और उसके स्थान का उल्लेख किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार निम्नलिखित रिवायत ‘अहक़ाक़ुल हक़’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

حضرت فاطمه علیهاالسلام:

إِذَا حُشِرْتُ یَوْمَ الْقِیَامَةِ أَشْفَعُ عُصَاةَ أُمَّةِ النَّبِیِّ صَلَّی اللهُ عَلَیْهِ وَآلِهِ.

हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) ने फ़रमाया:

“जब मुझे क़यामत के दिन उठाया जाएगा, तो मैं पैग़ंबर-ए-इस्लाम (स) की उम्मत के गुनहगारों की शफ़ाअत करूँगी।”

अहक़ाक़ुल हक़, भाग 19, पेज 129

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